रिपोर्ट - मो० काजीरुल शेख
पाकुड़: जिले में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन करने वालों की अब खैर नहीं। जिला प्रशासन ने अवैध कोयला, पत्थर और बालू के काले कारोबार पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में उपायुक्त (DC) मनीष कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया कि कार्रवाई सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखनी चाहिए।
दिसंबर में अब तक 12 FIR दर्ज
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने बताया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। दिसंबर माह में अब तक अवैध खनन और परिवहन से जुड़े मामलों में 12 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूचना तंत्र को इतना मजबूत किया जाए कि कोई भी माफिया कानून की पकड़ से बच न सके।
प्रशासन के सख्त निर्देश: मुख्य बिंदु
बैठक में अवैध खनन को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- CCTV से निगरानी: जिले के सभी चेकपोस्टों पर पेयजल और बिजली के साथ-साथ CCTV कैमरों का सुचारू संचालन अनिवार्य कर दिया गया है। अब हर रास्ते पर कैमरों की नजर होगी।
- रात में क्रशर चलाने पर रोक: रात के समय क्रशर संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके लिए अधिकारियों को नियमित और औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने को कहा गया है।
- लीज खत्म तो काम बंद: जिन खनन लीजों की अवधि समाप्त होने वाली है, उनकी सूची तैयार कर लीज खत्म होते ही खनन कार्य को तुरंत बंद कराने का निर्देश दिया गया है।
- फर्जी चालान पर सख्ती: ओवरलोड वाहनों की जांच के साथ-साथ फर्जी खनिज चालानों की सघन तलाशी ली जाएगी।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज
पुलिस अधीक्षक (SP) निधि द्विवेदी ने पुलिस बल को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में अवैध भंडारण और परिवहन पर पूर्ण नियंत्रण करने का निर्देश दिया। SP ने दो टूक कहा:
"यदि किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही या माफियाओं के साथ मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
निष्कर्ष
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण उनकी प्राथमिकता है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें अब और भी आक्रामक तरीके से अभियान चलाएंगी। इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी और अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।









