बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान एक युवती के चेहरे से हिजाब हटवाने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। इस घटना को लेकर देशभर में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के मंत्रियों और नेताओं ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
बोकारो पहुंचे झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने इस घटना को निंदनीय, शर्मनाक और संविधान की भावना के खिलाफ बताया।
राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यह घटना बेहद शर्मसार करने वाली है। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेकर पद पर बैठे मुख्यमंत्री द्वारा किसी युवती का हिजाब हटाकर उसका चेहरा देखने की कोशिश करना बेहद निंदनीय है। इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता है।
पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने मुख्यमंत्री के व्यवहार को “ओवर एक्टिंग” करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करना बिल्कुल नहीं चाहिए था। इस घटना से पूरे देश में गलत संदेश गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह मजाक है कि किसी का हिजाब खींच दिया जाए। उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और इसे समझना चाहिए।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जिस बच्ची का हिजाब हटाया गया, उसके माता-पिता ने नौकरी लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे अपमान की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी इस घटना को कभी माफ नहीं करेगी। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि अब उन्हें ही मुख्यमंत्री का इलाज करने पटना जाना पड़ेगा।
इस पूरे मामले ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है और विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री से माफी की मांग कर रहा है।









