रिपोर्ट - मुन्ना कुमार
मोकामा (बिहार)
बिहार के मोकामा में हुई एक खौफनाक घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोकामा थाना क्षेत्र में एक ब्यूटी पार्लर संचालिका पर दिनदहाड़े एसिड फेंककर बाइक सवार अपराधी फरार हो गए, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी वारदात के वक्त पुलिस कहाँ थी?
जानकारी के अनुसार, पीड़िता रोज़ की तरह पार्लर बंद कर घर लौट रही थी। तभी पहले से घात लगाए बैठे दो युवक बाइक पर आए, महिला को रोका और उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। तेजाब पड़ते ही महिला दर्द से चीखने लगी और आरोपी आराम से मौके से भाग निकले।
एसिड अटैक से महिला का चेहरा और शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया है। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है।
पाठकों के मन में उठते सवाल
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद आम लोग और वेबसाइट पाठक कई सवाल पूछ रहे हैं—
▪️ जब महिला रोज़ इसी रास्ते से आती-जाती थी, तो उस इलाके में पुलिस गश्त क्यों नहीं थी?
▪️ क्या मोकामा थाना क्षेत्र में अपराधियों का डर खत्म हो चुका है?
▪️ एसिड जैसी खतरनाक चीज़ अपराधियों तक इतनी आसानी से कैसे पहुँच रही है?
▪️ क्या पुलिस ने पहले से किसी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी थी या नहीं?
▪️ घटना के बाद ही क्यों हर बार जांच और कार्रवाई की बात की जाती है?
कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि सरेराह महिला पर हमला कर आरोपी फरार हो गए और पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कर रही है। सवाल यह है कि अगर समय रहते निगरानी होती, तो क्या यह घटना रोकी जा सकती थी?
महिला सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावे एक बार फिर खोखले नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर अपराधी इतने बेखौफ हैं, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करे?
पाठकों की मांग
अब वेबसाइट के पाठक और स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं—
▪️ आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो
▪️ पीड़िता को कड़ी सुरक्षा और सरकारी मुआवजा मिले
▪️ इलाके में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
▪️ एसिड की बिक्री पर सख्त कार्रवाई हो
यह घटना सिर्फ एक महिला पर हमला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इन सवालों का जवाब कार्रवाई से देता है या सिर्फ बयानबाज़ी तक ही सीमित रहता है।









