रिपोर्ट: बिजय सिंह
बोकारो: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में बदलाव कर वर्ष 2005 में बने कानून को समाप्त किए जाने के विरोध में झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बोकारो जिला मुख्यालय में JMM की ओर से धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रतनलाल मांझी ने की। इस दौरान जिला स्तर से लेकर प्रखंड और पंचायत स्तर तक के पार्टी पदाधिकारी, केंद्रीय समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और नई योजना को वापस लेने की मांग की गई।
JMM के केंद्रीय समिति सदस्य हीरालाल मांझी ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार योजनाओं के नाम बदलकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा बेरोजगारी दूर करने के उद्देश्य से मनरेगा कानून लाया गया था, लेकिन अब उस कानून के स्वरूप को बदलना गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
वहीं जिला अध्यक्ष रतनलाल मांझी ने बताया कि धरना के माध्यम से उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में केंद्र सरकार से मनरेगा से जुड़े नए बदलावों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।
JMM नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक मनरेगा कानून को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, तब तक पार्टी का विरोध और आंदोलन जारी रहेगा।









