रांची: झारखंड की पुलिस व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। राज्य की वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा कल, 31 दिसंबर को अपने पद से सेवानिवृत्त (Retire) हो रही हैं। उनके रिटायरमेंट के साथ ही प्रदेश के नए पुलिस मुखिया की नियुक्ति को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, हेमंत सोरेन सरकार आज देर शाम या कल तक नए DGP के नाम की आधिकारिक घोषणा कर सकती है।
मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम फैसला, गृह विभाग की तैयारी पूरी
राज्य के गृह विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अब अंतिम फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाना है। फिलहाल वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों के नामों पर गहन मंथन जारी है।
इन तीन नामों की रेस सबसे आगे
राज्य सरकार अपनी नई नियमावली के तहत DGP का चयन करेगी। चर्चा है कि तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल तैयार किया गया है:
- अनिल पालटा (Anil Palta)
- प्रशांत सिंह (Prashant Singh)
- एम.एस. भाटिया (M.S. Bhatia)
माना जा रहा है कि इन्हीं तीन चेहरों में से किसी एक को झारखंड पुलिस की कमान सौंपी जा सकती है।
DGP तदाशा मिश्रा का कार्यकाल: सुधार और आधुनिकता का दौर
तदाशा मिश्रा के कार्यकाल को राज्य में प्रशासनिक सुधार और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में न केवल कानून-व्यवस्था बेहतर हुई, बल्कि पुलिसिंग को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
नए DGP के सामने होंगी ये 4 बड़ी चुनौतियां
जो भी नया अधिकारी पदभार ग्रहण करेगा, उनके सामने राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण लक्ष्य होंगे:
- साइबर क्राइम: झारखंड में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाना।
- संगठित अपराध: गैंगस्टरों और संगठित अपराधी समूहों पर नकेल कसना।
- आधुनिक प्रशिक्षण: पुलिस बल को नई तकनीक और हथियारों से लैस करना।
- कानून-व्यवस्था: राज्य में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना।
DIG और IG रैंक में भी होगा प्रमोशन
DGP की नियुक्ति के साथ ही राज्य पुलिस के प्रशासनिक ढांचे में और भी बदलाव होने वाले हैं। वर्तमान में रांची, हजारीबाग, बोकारो और पलामू रेंज में DIG के पद खाली हैं।
- 2012 बैच के आईपीएस अधिकारियों को DIG रैंक में प्रमोशन मिलने की संभावना है।
- 2008 बैच के अधिकारियों को IG रैंक में प्रोन्नत किया जा सकता है। इन बदलावों से जुड़ी अधिसूचना भी 31 दिसंबर तक जारी होने की उम्मीद है।
UPSC बनाम राज्य नियमावली: विवाद और प्रक्रिया
झारखंड में पहले DGP की नियुक्ति UPSC के माध्यम से होती थी, लेकिन हेमंत सरकार ने अपनी नई नियमावली लागू की है। इसी नियम के तहत पहले अनुराग गुप्ता और फिर तदाशा मिश्रा की नियुक्ति हुई थी। हालांकि, अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ था, लेकिन सरकार एक बार फिर अपनी इसी प्रक्रिया के तहत नए मुखिया का चयन करने जा रही है।
अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री आवास पर टिकी हैं। क्या राज्य को साल के अंतिम दिन नया पुलिस कप्तान मिलेगा? झारखंड पुलिस के इस बड़े बदलाव से जुड़ी हर अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।









