रांची, झारखंड
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता अमर वीर शहीद निर्मल महतो को उनकी 75वीं जयंती के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने आज रांची के जेल मोड़ स्थित शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
“आज का दिन झारखंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण” – मुख्यमंत्री
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन झारखंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी-मूलवासियों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता वीर शहीद निर्मल महतो जी की आज 75वीं जयंती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे राज्य में शहीद निर्मल महतो को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जा रहा है।
झारखंड आंदोलन में रहा अमूल्य योगदान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन को अब 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और ऐसे वीर सपूतों का इस धरती पर जन्म लेना पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलन में शहीद निर्मल महतो का योगदान अमूल्य रहा, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने आगे कहा कि शहीद निर्मल महतो के आदर्शों और विचारों को आत्मसात करते हुए झारखंड राज्य निरंतर आगे बढ़ रहा है।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय शहीद निर्मल महतो की शहादत हुई, उस समय वे बेहद युवा थे। आज झारखंड का हर नौजवान उन्हें अपना मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत मानता है। राज्य का एक-एक युवा उन पर गर्व करता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी शहीद निर्मल महतो के विचारों को जीवंत रखते हुए राज्यवासी एकजुट होकर झारखंड को आगे बढ़ाएंगे।
शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और शहीद निर्मल महतो जैसे महापुरुषों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जाएगा।









