रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी० किशन रेड्डी ने औपचारिक मुलाकात की। इस अहम बैठक में राज्य सरकार, कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कोयला एवं खनन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान झरिया मास्टर प्लान, बेलगड़िया टाउनशिप परियोजना, गवर्नमेंट लैंड कंपनसेशन, कोल माइंस हेतु भूमि अधिग्रहण, खनन कार्य पूर्ण हो चुकी जमीन की वापसी, रैयतों को मुआवजा एवं रोजगार, तथा विस्थापित परिवारों के पुनर्वास जैसे विषय प्रमुखता से उठाए गए।
🔹 झरिया मास्टर प्लान और बेलगड़िया टाउनशिप पर जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झरिया मास्टर प्लान और बेलगड़िया टाउनशिप परियोजना राज्य सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इन परियोजनाओं के माध्यम से विस्थापित परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने झरिया मास्टर प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति पर भी चर्चा की।
🔹 केंद्र-राज्य समन्वय से होगा समाधान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से ही कोयला खनन से जुड़ी जटिल समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। वहीं केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने कोयला परियोजनाओं के संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
🔹 CSR फंड, रोजगार और अवैध खनन पर चर्चा
बैठक में खनिज रॉयल्टी, CSR फंड के प्रभावी उपयोग, स्थानीय लोगों को रोजगार, अवैध खनन से होने वाले हादसों पर नियंत्रण, रिकॉन्सिलिएशन कार्य में राज्य सरकार की भूमिका, तथा कोल परियोजनाओं के संचालन में आ रही बाधाओं के समाधान पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
🔹 उच्चस्तरीय अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, केंद्रीय कोयला मंत्री के निजी सचिव पंकज जैन, कोल इंडिया के अध्यक्ष बी. साईराम, CCL के CMD एन.के. सिंह, BCCL के CMD मनोज अग्रवाल, CMPDIL के शिव राज सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।









