रिपोर्ट - (प्रमोद खंडेलवाल)
हजारीबाग : साल 2026 का स्वागत हजारीबाग के लोगों ने बेहद आध्यात्मिक और सेवाभावी ढंग से किया। नगर निगम क्षेत्र से मात्र 8 किलोमीटर दूर स्थित कोलकाता पिंजरापोल सोसायटी गोशाला में सुबह से ही गो-भक्तों का तांता लगा रहा। नए साल के पहले दिन गायों की सेवा कर सुख-समृद्धि की कामना करना अब यहाँ एक परंपरा का रूप ले चुका है।
गौ-सेवा से हुई नववर्ष की मंगल शुरुआत
सोमवार सुबह से ही गोशाला परिसर में चहल-पहल शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने अपनी सपरिवार उपस्थिति दर्ज कराते हुए गायों को गुड़ और चोकर खिलाया। मान्यता है कि वर्ष के प्रथम दिन गौ-सेवा करने से जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली आती है। भक्तों ने न केवल गायों को लाड-प्यार किया, बल्कि उनके चारे और स्वास्थ्य देखभाल के लिए स्वेच्छा से दान भी दिया।

"संस्कार सिखाती है गौ-सेवा": चंद्रप्रकाश जैन
हजारीबाग यूथ विंग के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने इस अवसर पर कहा कि गौ-सेवा से मिलने वाली आत्मिक शांति अतुलनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह परंपरा आने वाली पीढ़ी को जीव-दया और सेवा के संस्कार सिखाने का सबसे सशक्त माध्यम है।
"हर साल गौ-भक्तों की बढ़ती संख्या समाज में पशु-प्रेम और धार्मिक चेतना के विस्तार का प्रतीक है।" - चंद्रप्रकाश जैन
आयोजन में प्रमुख रूप से शामिल गणमान्य
इस पावन अवसर पर गोशाला में भक्ति और सद्भाव का माहौल बना रहा। सेवा कार्य में मुख्य रूप से निम्नलिखित गो-भक्त शामिल रहे:
- चंद्र प्रकाश जैन और पन्ना लाल जैन
- प्रणीत जैन, शोभा जैन और अशोक जैन
- रानी जैन, राजीव जैन और रश्मि जैन
- शिपा जैन, पलक, अनीस और सिद्धांत
- प्राची, प्रीसा, लक्ष्य और विशेष
गोशाला में रही विशेष व्यवस्था
बढ़ती भीड़ को देखते हुए गोशाला प्रबंधन द्वारा साफ-सफाई और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। आगंतुकों के लिए सुव्यवस्थित मार्ग बनाए गए थे ताकि गौ-सेवा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।









