रिपोर्ट - प्रमोद खंडेलवाल
हजारीबाग: खेल और समाज को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से आयोजित हजारीबाग जैन क्रिकेट प्रीमियम लीग (HJCPL) सीजन-1 का भव्य समापन हो गया। प्रतिष्ठित संजय सिंह स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में अंकुर वॉरियर्स (Ankur Warriors) ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर जीत हासिल कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
रोमांचक फाइनल: अंकुर वॉरियर्स की 62 रनों से बड़ी जीत
टूर्नामेंट का फाइनल मैच बेहद रोमांचक रहा, जहाँ अंकुर वॉरियर्स का सामना एनआर लिगेसी (NR Legacy) से हुआ। अंकुर वॉरियर्स ने खेल के हर क्षेत्र (बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग) में अपना दबदबा बनाए रखा और एनआर लिगेसी को 62 रनों के बड़े अंतर से पराजित किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही अंकुर वॉरियर्स HJCPL के पहले सीजन की चैंपियन बनी।
विजेता और पुरस्कार राशि
टीम के मालिक अंकुर जैन के लिए यह क्षण गौरवशाली रहा। विजेता टीम अंकुर वॉरियर्स को ट्रॉफी के साथ ₹31,000 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान टीम का अनुशासन और टीम वर्क काबिले तारीफ रहा।
व्यक्तिगत उपलब्धियां: इन खिलाड़ियों ने बिखेरा जलवा
टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन ने दर्शकों का दिल जीत लिया। पुरस्कार वितरण समारोह में निम्नलिखित खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया:
पुरस्कार | विजेता खिलाड़ी |
मैन ऑफ द सीरीज | निलेश (Nilesh) |
मैन ऑफ द फाइनल मैच | अनिश (Anish) |
इमर्जिंग प्लेयर (उभरता खिलाड़ी) | प्रियम (Priyam) |
सर्वाधिक रन, विकेट और छक्के | टोयेश (Toyesh) |
विशेष: टोयेश टूर्नामेंट के सबसे सफल खिलाड़ी रहे। उन्होंने न केवल सबसे ज्यादा रन बनाए और विकेट लिए, बल्कि सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उन्हें दो 'मैन ऑफ द मैच' ट्रॉफी से भी नवाजा गया।
केवल खेल नहीं, एक सामाजिक उत्सव
आयोजन समिति के अनुसार, इस लीग का उद्देश्य समाज के हर वर्ग—पुरुषों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों—को एक मंच पर लाना था। संजय सिंह स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ ने इस आयोजन को एक खेल उत्सव में तब्दील कर दिया। बच्चों में क्रिकेट के प्रति गजब का उत्साह देखा गया।
युवाओं के लिए एक सशक्त मंच
HJCPL सीजन-1 न केवल मनोरंजन का साधन बना, बल्कि स्थानीय युवा क्रिकेटरों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच भी साबित हुआ। समापन समारोह के दौरान खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन का उत्साह देखते ही बनता था।










