रिपोर्ट - परवेज आलम
बगहा (पश्चिम चंपारण)।
कहते हैं मेहनत और लगन हो तो गुदड़ी के लाल भी इतिहास रच देते हैं। ऐसा ही कर दिखाया है पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत बगहा-1 प्रखंड के बड़गांव निवासी अंकुर वर्मा ने, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कठिन परीक्षा पास कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अंकुर वर्मा की इस सफलता से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।
एक सीट, कड़ी प्रतिस्पर्धा और अंकुर की जीत
बताया जा रहा है कि इस पद के लिए केवल एक ही सीट थी, जिसके लिए लगभग 60 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 12 उम्मीदवार फाइनल इंटरव्यू तक पहुंचे, जिनमें अंततः अंकुर वर्मा का चयन हुआ। यह उपलब्धि इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
पहले भी हासिल कर चुके हैं गोल्ड मेडल
अंकुर वर्मा इससे पहले 12 जनवरी 2024 को कानपुर स्थित राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI), भारत सरकार द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने हरदोई जिले के हरियावां स्थित डीसीएम श्रीराम लिमिटेड, शुगर एंड डिस्टिलरी में सीनियर इंजीनियर के पद पर कार्यभार संभाला।
नौकरी के साथ की UPSC की तैयारी
नौकरी के साथ-साथ अंकुर लगातार यूपीएससी की तैयारी करते रहे। तीन वर्षों के कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास के बाद उन्हें यह सफलता मिली। परिणाम सामने आने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस सफलता से सबसे ज्यादा खुश उनकी पत्नी और माता-पिता हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
- प्रारंभिक शिक्षा: समस्तीपुर हाई स्कूल
- उच्च शिक्षा: राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी से
बीटेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग)
अब NSI कानपुर में देंगे योगदान
यूपीएससी में चयन के बाद अब अंकुर वर्मा राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI), कानपुर में लेक्चरर के पद पर अपनी सेवाएं देंगे।
सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को
अंकुर वर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम, माता-पिता के सहयोग और गुरुजनों के आशीर्वाद को दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर मित्रों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों द्वारा लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं।
IES अधिकारी पिता का मिला मार्गदर्शन
गौरतलब है कि अंकुर वर्मा के पिता अनिल कुमार वर्मा, एक IES ए-ग्रेड सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उनके मार्गदर्शन और अंकुर की सच्ची लगन ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
👉 अंकुर वर्मा की सफलता जिले के युवाओं के लिए एक सीख और प्रेरणा है, जो यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा भी जीती जा सकती है।









