नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर बदलने के लिए अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने सड़क, रेल, मेट्रो और पोर्ट्स के विकास के लिए कुल 12.35 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इसमें सबसे अहम फैसला दिल्ली-NCR की लाइफलाइन 'दिल्ली मेट्रो फेज-5 (A)' के विस्तार को लेकर है।
1. दिल्ली मेट्रो फेज-5 (A): 12,015 करोड़ से बिछेगा नया जाल
दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क को और अधिक सघन बनाने के लिए कैबिनेट ने फेज-5 (A) को मंजूरी दे दी है। यह विस्तार दिल्ली के उन इलाकों को जोड़ेगा जहां अभी कनेक्टिविटी की भारी कमी है।
- कुल बजट: ₹12,015 करोड़।
- लंबाई: 16 किलोमीटर की नई लाइनें जोड़ी जाएंगी।
- स्टेशन: 13 नए मेट्रो स्टेशनों का निर्माण होगा।
- समय सीमा: सरकार का लक्ष्य इसे अगले 3 वर्षों में पूरा करना है।
- बड़ी उपलब्धि: इस विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 KM के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो इसे लंदन और न्यूयॉर्क मेट्रो की लीग में शामिल कर देगा।
2. हाईवे सेक्टर: 1.97 लाख करोड़ से दौड़ेगी 'हाई-स्पीड' प्रगति
इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने के लिए कैबिनेट ने हाईवे सेक्टर पर सबसे बड़ा दांव लगाया है।
- बजट: ₹1,97,644 करोड़।
- परियोजनाएं: कुल 8 नेशनल हाई-स्पीड रोड प्रोजेक्ट्स (936 किमी) को मंजूरी।
- प्रमुख कनेक्टिविटी: * बिहार में पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर।
- पूर्वोत्तर में शिलॉन्ग-सिलचर कनेक्टिविटी।
- सीमावर्ती इलाकों और दक्षिण भारत में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर जोर।
3. रेलवे और पोर्ट्स: लॉजिस्टिक्स लागत घटाने की तैयारी
भारत को वैश्विक व्यापार का केंद्र बनाने के लिए रेलवे और शिपिंग क्षेत्र में भारी निवेश किया जाएगा।
- रेलवे: ₹1,52,583 करोड़ की लागत से 43 नए रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है।
- पोर्ट्स और शिपिंग: ₹1,45,945 करोड़ का निवेश होगा। इसमें महाराष्ट्र का वधावन पोर्ट सबसे महत्वपूर्ण है, जो भारत के समुद्री व्यापार को नई ऊंचाई देगा।
4. अन्य शहरों का मेट्रो विस्तार और स्मार्ट सिटी
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी ₹1,31,542 करोड़ का बजट पास हुआ है:
- मेट्रो: बंगलूरू (दो कॉरिडोर), ठाणे रिंग मेट्रो, पुणे, चेन्नई और लखनऊ मेट्रो का विस्तार।
- स्मार्ट सिटी: 12 नए औद्योगिक स्मार्ट सिटी के लिए ₹28,602 करोड़ स्वीकृत।
5. घर, बिजली और पर्यटन: आम आदमी के लिए सौगात
कैबिनेट के फैसलों में आम आदमी की बुनियादी जरूरतों का भी खास ख्याल रखा गया है:
- पीएम आवास योजना: 1 करोड़ शहरी और 2 करोड़ ग्रामीण घरों के निर्माण के लिए ₹5,36,137 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर।
- हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स: ऊर्जा सुरक्षा के लिए ₹28,432 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी।
- धार्मिक पर्यटन (रोपवे): केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए ₹6,811 करोड़ के रोपवे प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई है, जिससे तीर्थयात्रा सुगम होगी।
- एयरपोर्ट्स: वाराणसी, बागडोगरा, बिहटा और कोटा जैसे शहरों में नए टर्मिनल के लिए ₹7,339 करोड़ आवंटित।
क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "यह फैसला ऐतिहासिक है। दिल्ली मेट्रो ने लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से बदला है और फेज-5 (A) उसी कड़ी का अगला अध्याय है। ये निवेश भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।"
निष्कर्ष: दिल्ली-NCR पर क्या होगा असर?
दिल्ली मेट्रो का यह विस्तार प्रदूषण और ट्रैफिक जाम जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने में मददगार होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि रियल एस्टेट और स्थानीय व्यापार में भी भारी उछाल देखने को मिलेगा।
क्या आप इन नई परियोजनाओं के बारे में और अधिक विस्तार से जानना चाहते हैं? या अपने शहर के मेट्रो रूट की जानकारी चाहते हैं? हमें बताएं!








