पाटन (पलामू): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज अपना 140वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। पलामू जिले के पाटन स्थित पचकेडिया ग्राम पंचायत मुख्यालय में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पार्टी के गौरवशाली इतिहास और भविष्य के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की।
कांग्रेस का गौरवशाली इतिहास
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि आज ही के दिन 28 दिसंबर 1885 को मुंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नींव रखी गई थी। सेवा निवृत ब्रिटिश अधिकारी एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (A.O. Hume) इसके संस्थापक थे और पहली बैठक में 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
उन्होंने आगे कहा:
"1920 के बाद महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस स्वतंत्रता आंदोलन की मुख्य आवाज बनी। भारत को आजादी दिलाने से लेकर संविधान निर्माण में कांग्रेस के विशेषज्ञों की भूमिका अतुलनीय रही है।"
वर्तमान नेतृत्व और विचारधारा
समारोह के दौरान राधाकृष्ण किशोर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और समावेशी विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। झारखंड में प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के मार्गदर्शन में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना मुख्य लक्ष्य है।
केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला
वित्त मंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा देश को बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने निम्नलिखित आरोप लगाए:
- वोट बैंक की राजनीति: हिंदुत्व का नारा भाजपा के लिए केवल सत्ता पाने का माध्यम है।
- कमजोर वर्गों की उपेक्षा: दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की भावनाओं की भाजपा के पास कोई कद्र नहीं है।
- सुरक्षा पर सवाल: यदि भाजपा को देश की अस्मिता की चिंता है, तो कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमलों और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा पर वह मूकदर्शक क्यों बनी हुई है?
समारोह में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर भरत मांझी, अखिलेश पासवान, अशोक सोनी, अखिलेश पांडेय, राजकमल तिवारी, राजेंद्र पांडेय, राकेश दूबे, शंकर पासवान, प्रमोद पासवान, शिवप्रसाद मेहता, धनवंत चौधरी, बलराम दूबे, बच्चन उपाध्याय, बबलू उपाध्याय, गोपाल पासवान, शक्ति शंकर गुप्ता, रहमतुल्लाह अंसारी, जगदीश पांडेय, लव कुमार मेहता, मनोज चंद्रवंशी, संजय, अंजनी दूबे और दया शंकर सिंह सहित 500 से अधिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।









