अयोध्या: प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर उत्सव के लिए सज रही है। राम मंदिर में रामलला के विराजमान होने की दूसरी वर्षगांठ (Pratishtha Dwadashi) के उपलक्ष्य में भव्य पांच दिवसीय सांस्कृतिक और धार्मिक अनुष्ठान होने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम 28 दिसंबर से शुरू होकर 2 जनवरी तक चलेगा।
भक्तों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 31 दिसंबर को राम मंदिर दर्शन के लिए खुला रहेगा? आइए जानते हैं इस उत्सव का पूरा शेड्यूल और दर्शन से जुड़ी जानकारी।
31 दिसंबर को ही क्यों मनाई जा रही है वर्षगांठ?
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, 22 जनवरी 2024 को पौष शुक्ल द्वादशी तिथि के दिन प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। हिंदी कैलेंडर की गणना के अनुसार इस वर्ष यह तिथि 31 दिसंबर 2025 को पड़ रही है। इसी कारण 31 दिसंबर को मंदिर परिसर में मुख्य अभिषेक और उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
दर्शन की टाइमिंग और लाइव प्रसारण
- सामान्य दर्शन: 31 दिसंबर को राम दरबार प्रतिदिन की तरह भक्तों के लिए दर्शनार्थ खुला रहेगा।
- विशेष अभिषेक: भक्त उस दिन सुबह 9:30 बजे से होने वाले प्रभु राम के विशेष श्रृंगार और अभिषेक के दर्शन भी कर सकेंगे।
- लाइव प्रसारण: यदि आप अयोध्या नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो राम मंदिर ट्रस्ट के निवेदन पर दूरदर्शन (DD News) इसका सीधा प्रसारण करेगा।
अयोध्या में रुकने और ठहरने की उत्तम व्यवस्था - गाइड
यदि आप 31 दिसंबर के उत्सव में शामिल होने के लिए अयोध्या आ रहे हैं, तो ठहरने के लिए आपके पास कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं:
1. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के विश्रामालय
ट्रस्ट द्वारा संचालित 'तीर्थ क्षेत्र पुरम' और अन्य भक्त निवासों में रुकने की निशुल्क या बहुत कम शुल्क पर व्यवस्था है। यहाँ हजारों भक्तों के रुकने के लिए टेंट सिटी और डॉरमेट्री बनाई गई हैं।
2. टेंट सिटी (Tent City Ayodhya)
अयोध्या में 'ब्रह्मकुंड' और 'नया घाट' के पास आधुनिक सुविधाओं से लैस टेंट सिटी बनाई गई हैं। यहाँ आपको लग्जरी सुविधाओं के साथ-साथ सात्विक वातावरण का अनुभव मिलेगा।
3. धर्मशालाएं और मठ
अयोध्या के प्रमुख मंदिरों जैसे कनक भवन, हनुमानगढ़ी और कारसेवकपुरम के पास कई पुरानी और नई धर्मशालाएं हैं। यहाँ ठहरना बजट के अनुकूल (Budget Friendly) होता है। प्रमुख धर्मशालाओं में:
- बिड़ला धर्मशाला
- जानकी महल ट्रस्ट
- साकेत निलयम
4. होटल और होमस्टे (Hotels & Homestays)
अयोध्या में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल भी उपलब्ध हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रमोटेड 'पेइंग गेस्ट' या होमस्टे योजना के तहत स्थानीय लोगों के घरों में रुकने की व्यवस्था है, जो आपको अयोध्या की संस्कृति के करीब ले जाती है।
कैसे पहुंचें अयोध्या?
- रेल मार्ग: अयोध्या धाम जंक्शन और अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से जुड़े हैं।
- वायु मार्ग: महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (AYO) सीधे उड़ानों से जुड़ा है।
- सड़क मार्ग: लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर से सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं।
ट्रस्ट की अपील: राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने कहा कि 31 दिसंबर को भारी भीड़ की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भक्तों से अनुरोध है कि वे धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
क्या आप भी रामलला की दूसरी वर्षगांठ के साक्षी बनने जा रहे हैं? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में बताएं!









