रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता जगदीश साहू ने संगठन मजबूती को लेकर आला कमान को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के जरिए कहा है कि युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई आज के दिन काफी कमजोरी स्थिति में है। इसका मुख्य कारण है कि पूर्व में दोनों संगठन के प्रमुख अध्यक्ष मनोनयन पद्धति से चुने जाते थे लेकिन बाद में चुनाव पद्धति आ गई इसमें चुनाव में काफी पैसा खर्च होता है। इस कारण मजबूत, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक अध्यक्ष नहीं बन सकते थे। जिसके कारण पूरे भारत में युवा कांग्रेस छात्र संगठन कमजोर स्थिति में आ गई इसलिए युवा कांग्रेस राष्ट्रीय छात्र संगठन को चुनाव पद्धति समाप्त कर पूर्व के भांति मनोनयन पद्धति के तहत संगठन बनाया जाए ताकि दोनों संगठन में अच्छे पढ़े लिखे एवं मजबूत युवा संगठन में जुड़ सके।
उत्तर भारत के क्षेत्र हिंदी भाषा भाषी क्षेत्र में आईसीसी के द्वारा जो प्रभारी नियुक्त किया जाता है उसमें हिंदी भाषा भाषा नेताओं को ही प्रभारी नियुक्त किया जाए ताकि कार्यकर्ताओं से संवाद कर सके और क्षेत्र की समस्याओं को अच्छा से समझ सके और कांग्रेस के इन संगठनों को मजबूती मिल सके और आम जनता कांग्रेस के विचारधारा से जुड़ सके।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में हिंदी भाषा भारती नेताओं को संगठन प्रभारी बनाया जाए ताकि देश के विभिन्न हिंदी भाषा भाषी क्षेत्र के कार्यकर्ता जनप्रतिनिधि पदाधिकारी मिलकर अपने क्षेत्र की समस्याओं एवं संगठन से संबंधित बातों को रख सके। साउथ के क्षेत्र के लिए साउथ के मजबूत नेताओं को संगठन पर भारी बनाया जाए ताकि साउथ इंडिया और नॉर्थ इंडिया मजबूत हो सके।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में देश के विभिन्न क्षेत्रों के कार्यकर्ता, संगठन, पदाधिकारी जनप्रतिनिधि विभिन्न समस्याओं को लेकर बात करने के लिए अपने नेताओं से मिलने के लिए आते हैं और नहीं मिल पाते हैं, तब उनमें निराशा उत्पन्न होती है।
इसलिए लोकसभा एल ओ पी माननीय राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे साहब में से कोई एक नेता प्रतिदिन आईसीसी मुख्यालय में बाहर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधियों से मिलने के लिए अवश्य उपलब्ध रहे तो इसी एक व्यवस्था से पार्टी में काफी हद तक मजबूती आ जाएगी।









