(मो० काजीरुल शेख, संवाददाता, पाकुड़)
पाकुड़ - रेलवे सुविधाओं के अभाव को लेकर पाकुड़ और साहिबगंज जिले के पत्थर व्यवसायियों का आक्रोश लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। पत्थर क्वारी ओनर एसोसिएशन से जुड़े व्यवसायियों ने रेलवे के जरिये पत्थर लोडिंग पूरी तरह ठप कर दी है। इसके चलते पाकुड़ रेलवे स्टेशन के अपर साइडिंग, लोअर साइडिंग, बाहरग्राम और तिलभिट्टा रेलवे साइडिंग में कई रैक खाली खड़े नजर आए। व्यवसायियों का कहना है कि वे वर्षों से रेलवे को करोड़ों रुपये का राजस्व दे रहे हैं, लेकिन बदले में क्षेत्र को बुनियादी रेल सुविधाओं से वंचित रखा गया है। विरोध के इस कदम से रेलवे को प्रतिदिन लगभग दो करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि राज्य सरकार को भी रोजाना करीब 40 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
इसके साथ ही लगभग 2000 मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बताया गया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने हाल ही में पाकुड़ और साहिबगंज के पत्थर व्यवसायियों के साथ बैठक कर रेलवे को स्पष्ट संदेश दिया था कि यदि क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं नहीं दी गईं, तो 16 जनवरी से पत्थर की लोडिंग पूरी तरह रोक दी जाएगी। इसी घोषणा के तहत व्यवसायियों ने रेल के माध्यम से पत्थर ढुलाई बंद कर दी है, जो दूसरे दिन भी जारी रही। व्यवसायियों की प्रमुख मांगों में इस मार्ग से गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का पाकुड़ और साहिबगंज रेलवे स्टेशनों पर ठहराव सुनिश्चित करना। पटना और दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करना तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है।









