रिपोर्ट - मो० काजीरुल शेख
पाकुड़: कहते हैं कि सच्ची राजनीति वही है, जो लोगों के दुख-दर्द में उनके साथ खड़ी हो। चांदपुर पंचायत के काबिलपुर गाँव में हाल ही में ऐसा ही एक मानवता से भरा हुआ पल देखने को मिला।
गाँव की एक बेहद गरीब और बेसहारा महिला, जो हाल ही में अपनी माँ को खो चुकी थी, अपने गहरे दुःख में अकेली थी। माँ के निधन का दर्द इतना भयानक था कि उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल था। इस कठिन समय में महिला ने मदद की उम्मीद लेकर समाजसेवी और पूर्व एनडीए प्रत्याशी अजहर इस्लाम का सहारा लिया।
अजहर इस्लाम ने महिला की पीड़ा को महसूस किया और तुरंत उसकी मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने महिला की माँ के अंतिम संस्कार और धार्मिक क्रियाकर्म के लिए ₹6,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की। यह केवल एक आर्थिक मदद नहीं थी, बल्कि उस परिवार के लिए भावनात्मक और सामाजिक राहत का सबसे बड़ा पैगाम बन गई।
अजहर इस्लाम ने इस मौके पर कहा, “जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा होना ही असली राजनीति है। चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन गरीब, असहाय और जरूरतमंद की सेवा कभी रुकनी नहीं चाहिए। इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। समाज में सेवा का काम करने से ही हम सच्चे नेता बनते हैं।”
ग्रामीणों ने इस कदम की खुले दिल से सराहना की और कहा कि ऐसे समय में मदद मिलना परिवार के लिए उम्मीद की किरण जैसी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि अजहर इस्लाम का यह कदम केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया।
यह घटना यह संदेश देती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है। जब समाज के लोग दूसरों की मदद में आगे आते हैं, तो उनका योगदान न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत बनता है, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक मिसाल भी बनता है।
पूर्व एनडीए प्रत्याशी और समाजसेवी अजहर इस्लाम का यह कदम यह साबित करता है कि राजनीति केवल सत्ता पाने का माध्यम नहीं, बल्कि मानव सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का जरिया भी हो सकती है। उनके इस नेक प्रयास ने यह दिखाया कि सच्ची राजनीति वही है, जो दिल से लोगों की मदद करे और समाज के लिए प्रेरणा बने।
इस तरह के प्रयास यह साबित करते हैं कि इंसानियत के मूल्य कभी खत्म नहीं होते। जब हम दूसरों के दुःख में सहारा बनते हैं, तो यही असली मानवता है। गरीब, असहाय और बेसहारा लोगों की मदद करना समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है और इंसानियत को मजबूत बनाता है।
गाँव के लोग भी इस कदम को यादगार बता रहे हैं और इसे अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरक उदाहरण मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि अजहर इस्लाम का यह प्रयास यह दिखाता है कि सेवा और इंसानियत से भरी राजनीति ही समाज को सशक्त और मजबूत बना सकती है।









