पटना | बिहार में हिजाब विवाद से जुड़ी आयुष चिकित्सक डॉ. नुसरत परवीन को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही तमाम अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। राजकीय तिब्बी महाविद्यालय एवं अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि डॉ. नुसरत परवीन शनिवार को औपचारिक रूप से अपनी सेवा में योगदान देंगी।
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सामने आए घटनाक्रम के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि डॉ. नुसरत परवीन ने नौकरी करने से इनकार कर दिया है या वह राज्य छोड़कर कोलकाता चली गई हैं। इन खबरों ने सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म पर तेजी से तूल पकड़ लिया था। हालांकि अब संस्थान प्रशासन ने इन सभी खबरों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार करार दिया है।
राजकीय तिब्बी महाविद्यालय एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ. महफूजुर रहमान ने स्पष्ट रूप से कहा कि डॉ. नुसरत परवीन अपनी नियुक्ति स्वीकार कर चुकी हैं और वह पटना सिटी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सदर में अपनी सेवाएं देंगी। उन्होंने बताया कि डॉ. नुसरत इसी संस्थान की पूर्व छात्रा रही हैं और लगातार महाविद्यालय प्रशासन के संपर्क में बनी हुई हैं।
डॉ. महफूजुर रहमान ने सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना किसी ठोस और सत्यापित जानकारी के इस तरह की बातें फैलाई गईं, जिससे न केवल डॉ. नुसरत परवीन बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक रूप से काफी पीड़ा पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह प्रचारित किया गया कि डॉ. नुसरत ने नौकरी छोड़ दी है या वह राज्य से बाहर चली गई हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
अस्पताल प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि डॉ. नुसरत परवीन की सेवा को लेकर किसी प्रकार की कोई अनिश्चितता नहीं है और वह तय समय पर अपनी ड्यूटी जॉइन करेंगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
इस स्पष्टता के बाद हिजाब विवाद से जुड़े इस पूरे मामले में फैली भ्रांतियों पर विराम लग गया है और अब डॉ. नुसरत परवीन के सेवा योगदान को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है।









